सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर एक व्यापक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति, जिला स्तरीय टास्क फोर्स, एकल प्लास्टिक उपयोग नियंत्रण, जिला आर्द्र भूमि समिति, जिला वन एवं पर्यावरण टास्क फोर्स तथा जिला अनुश्रवण समिति के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना और आने वाले समय के लिए प्रभावी रणनीति तय करना था। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
विशेष रूप से गंगा संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, आर्द्र भूमि यानी वेटलैंड के संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार, पौधारोपण अभियान, और एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक को लेकर गंभीर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाए और आम लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही गंगा एवं अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी और ठोस कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री भरत चिंतनपल्ली, उप विकास आयुक्त श्री गौरव कुमार सहित कई संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन लगातार इस दिशा में सक्रिय है ताकि स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
