सहरसा जिले में रसोई गैस यानी LPG की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि लंबित बुकिंग यानी बैकलॉग को जल्द खत्म किया जाए, नहीं तो कड़ी कार्रवाई होगी।
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला प्रशासन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर HP, भारत गैस और इंडेन गैस एजेंसियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि जिले में इंडेन गैस के तहत सबसे अधिक 9 हजार 752 बुकिंग लंबित हैं। वहीं HP गैस में 6 हजार 35 और भारत गैस में 4 हजार 402 बुकिंग पेंडिंग पाई गई हैं।
इस स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने IOCL, BPCL और HPCL के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन को सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसियों पर टालमटोल, देरी और समय पर सिलेंडर नहीं देने के आरोप लगाए थे।
प्रशासन ने साफ कहा है कि अब उपभोक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी नहीं की जाएगी। वर्तमान स्टॉक की बात करें तो इंडेन के पास 1833, HP के पास 2625 और भारत गैस के पास 2008 सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसके अलावा ट्रांजिट में भी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जिले में पहुंच रहे हैं, जिससे जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।
जिन एजेंसियों में 5 दिन से अधिक का बैकलॉग है, उन्हें 72 घंटे के भीतर वितरण व्यवस्था सामान्य करनी होगी। आपूर्ति पदाधिकारी स्वयं एजेंसियों का निरीक्षण करेंगे और “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर गैस वितरण सुनिश्चित करेंगे।
साथ ही IOCL यानी इंडेन के एरिया मैनेजर को आपूर्ति में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया है। कालाबाजारी, कृत्रिम कमी या उपभोक्ताओं के साथ लापरवाही पाए जाने पर Essential Commodities Act के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और प्रशासन पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारू वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
