पटना से बड़ी राजनीतिक और सांस्कृतिक खबर सामने आई है, जहां बिहार के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के पटना स्थित आवास पर पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बिहार के विकास, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चौबे परिवार के सभी सदस्यों से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया और उन्हें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुस्तक के साथ अपनी लिखी पुस्तक “त्रिनेत्र” भेंट की। इसके साथ ही बिहार को हरित और समृद्ध राज्य बनाने के संकल्प के तहत एक पौधा भी उपहार स्वरूप दिया।
बैठक के दौरान अश्विनी कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री से बक्सर, भागलपुर, बांका और सीतामढ़ी को प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की शिक्षास्थली बक्सर, विक्रमशिला की पावन धरती भागलपुर, जहां से भगवान श्रीराम की आविर्भाव यात्रा प्रारंभ मानी जाती है, तथा बांका स्थित मंदार पर्वत धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित कर बिहार को आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जा सकता है। इससे न केवल सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण होगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दोनों नेताओं के बीच राज्य के विभिन्न जिलों के विकास, पर्यटन संवर्धन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और बिहार को समृद्ध एवं विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।
यह मुलाकात बिहार के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
