गोपालपुर। गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में रविवार को भी गिरावट दर्ज की गयी। हालांकि, चारों प्रमुख गेज स्थलों पर नदी का पानी तटबंध के टो (तल) को छू रहा है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्थानों पर तटबंध सुरक्षित हैं। जलस्तर में कमी के बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं।
इस्माईलपुर-बिंदटोली में रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 32.21 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी आयी है। इसके बावजूद नदी का पानी खतरे के निशान से 61 सेंटीमीटर ऊपर है। राघोपुर में गंगा का जलस्तर 33.42 मीटर रहा, जिसमें 7 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गयी। यहां खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है।
इसी तरह, मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 31.36 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में सात सेंटीमीटर की कमी आयी है। यहां खतरे का स्तर 31.48 मीटर है। विभाग ने तटबंध को सुरक्षित बताया है। जेबी चोरहर में कोसी का जलस्तर 31.65 मीटर रहा, जिसमें दो सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गयी। यहां खतरे का निशान 31.77 मीटर है।
वहीं, नगरपारा तटबंध और बगजान जमींदारी बांध के विभिन्न बिंदुओं पर नदी का पानी तटबंध के तल को छू रहा है। इसके बावजूद विभागीय निरीक्षण में तटबंधों को सुरक्षित बताया गया है। चारों प्रमुख स्थानों पर जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानियां अभी भी बनी हुई हैं। घरों के आसपास पानी जमा रहने से गंदगी फैल रही है। जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन, साफ-सफाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बावजूद प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और जलनिकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रशासन की ओर से तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देना जरूरी है।






