बिहपुर। बिहार के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के एक बयान को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बाढ़ के बीच मंत्री की ओर से 2025 विधानसभा चुनाव में करीब 61 हजार वोट हासिल करने वाली महागठबंधन प्रत्याशी कुमारी अर्पणा पर की गई टिप्पणी के बाद अब अर्पणा ने प्रेस वार्ता कर पलटवार किया है।
कुमारी अर्पणा ने मंत्री के बयान को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में उन्हें बिहपुर के करीब 61 हजार मतदाताओं ने अपना समर्थन देते हुए वोट दिया था। ऐसे में उन्हें ‘61 हजार वाली’ कहकर संबोधित करना केवल एक प्रत्याशी पर टिप्पणी नहीं, बल्कि उन सभी मतदाताओं का अपमान है, जिन्होंने उन्हें अपना मत दिया था।
अर्पणा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव के दौरान हार और जीत स्वाभाविक प्रक्रिया है। जनता का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए। लेकिन किसी प्रत्याशी को मिले मतों की संख्या का मजाक बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि मंत्री का बयान बिहपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता और विशेष रूप से यहां की बेटी के सम्मान से जुड़ा विषय है। अर्पणा ने कहा कि चुनाव के समय जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना मत दिया था, उस विश्वास का सम्मान किया जाना चाहिए।
बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए अर्पणा ने कहा कि इस समय क्षेत्र के कई हिस्सों में लोग आपदा से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में राजनीतिक बयानबाजी से अधिक जरूरी प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नेताओं को बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानियों को समझना चाहिए।
कुमारी अर्पणा के इस पलटवार के बाद बिहपुर विधानसभा की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। मंत्री के बयान और अर्पणा की प्रतिक्रिया को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों के बीच बिहपुर की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चर्चा का विषय बना हुआ है।






