मधेपुरा। भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में स्वास्थ्य विभाग ने मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर उनका आचरण प्रथम दृष्टया भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में पाया गया।
मामले में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा के कार्यालय से भेजे गए आरोपों में सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को खुलवाने के लिए कथित रूप से राशि लेने और पद के दुरुपयोग का आरोप शामिल है। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम की जांच और लाइसेंस के नाम पर कथित अवैध राशि के लेन-देन से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हुआ था।
इस वायरल वीडियो की जांच के लिए गठित टीम ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर टिप्पणियां की हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने डॉ. विजय कुमार के आचरण को प्रथम दृष्टया भ्रष्ट आचरण बताते हुए बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।
विभाग के अनुसार, अस्पताल को सील करने के पूर्व दिए गए निर्देश से अलग जाकर उसे खोलने अथवा संचालित करने का आदेश दिए जाने का आरोप भी जांच में सामने आया।
इन आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। विभागीय कार्रवाई के लिए अलग से आरोप-पत्र जारी किया जाएगा।






