सहरसा शहर के बाबाजी चौक इलाके में शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अभिजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर में शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह कुशवाह ने बताया कि अभिजीत सिंह पिछले कई वर्षों से बाबाजी चौक स्थित अपने घर में अकेले रह रहे थे। करीब सात-आठ साल पहले बीमारी के कारण उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। उनका छोटा भाई दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है।
बताया गया कि शुक्रवार सुबह काफी देर तक अभिजीत के घर से किसी तरह की आवाज नहीं आने पर परिचितों को संदेह हुआ। इसके बाद जब लोग उन्हें देखने के लिए घर पहुंचे तो वे मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
सुरजीत सिंह कुशवाह ने बताया कि शुरुआती तौर पर शव की स्थिति देखकर ऐसा लगा कि तकिए से मुंह दबाकर हत्या की गई हो। हालांकि, एफएसएल की टीम के साथ अंदर जाने और तकिया हटाने के बाद उन्हें कनपटी के पास गोली लगने की आशंका नजर आई। उन्होंने बताया कि गोली लगने के कारण चेहरे के एक हिस्से पर गंभीर असर पड़ा है।
हालांकि, अभिजीत सिंह की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। घटना को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे क्या वजह है, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने क्या कहा?
घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया घटनास्थल की स्थिति देखने से प्रतीत हो रहा है कि अभिजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि अभिजीत सिंह रात में एक कार्यक्रम से लौटकर अपने घर आए थे। इसके बाद की पूरी गतिविधि और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस टीम अलग-अलग बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने कहा कि पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।
पुलिस टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम द्वारा भी मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
वहीं, सुरजीत सिंह कुशवाह ने प्रशासन से मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।






