सहरसा। वासुदेव स्कूल के एमडीएम में छिपकली मिलने की खबर के संकलन के दौरान सदर अस्पताल पहुंचे प्रभात खबर डिजिटल के युवा पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट एवं हमले के विरोध में बुधवार को छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
मशाल जुलूस वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू होकर डीबी रोड स्थित जिला परिषद मार्केट तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्रकार पर कथित हमले में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मशाल जुलूस में शामिल छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठनों के नेताओं ने कहा कि पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। इसके बावजूद घटना के चार दिन बाद भी जिला प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस.के. आजाद, अस्पताल प्रबंधन सिंपी कुमारी एवं रौशनलाल के नेतृत्व में पैरामेडिकल छात्रों द्वारा पत्रकार के साथ सामूहिक रूप से मारपीट की गई। नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
युवा कांग्रेस नेता मनीष कुमार ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। पत्रकार के साथ हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने कहा कि घटना के चार दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होना और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
वामपंथी नेता शंकर कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन को किसी भी व्यक्ति को संरक्षण देने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
युवा नेता सोहन झा ने कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में पारदर्शी जांच, दोषियों पर कारवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
अभाविप नेता और एमएलटी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष सागर कुमार नन्हे ने कहा कि जिला प्रशासन पत्रकारों पर सामूहिक हमला करने वाले हमलावर पर कार्रवाई करने में 4 दिन बाद भी अपनी हिम्मत नहीं जुटा पा रही है जो की बहुत ही शर्मनाक है |
मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेता
कौशल क्रांतिकारी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला होने के बाद आम नागरिक को प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर था जिला पदाधिकारी अभिलंब दोषियों को दंडित करें ताकि आम जनों में जिला प्रशासन के प्रति भरोसा और विश्वास होगी |
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष नीरज कुमार निराला और मोहम्मद जाबिर ने कहा कि युवा पत्रकार अभिषेक लगातार जन समस्या और अस्पताल के भ्रष्टाचार को प्रमुखता से सामने ला रहा था और फर्जी डिग्री पर अस्पताल प्रबंधक बने सिंपी कुमारी को ग़लत तरीके से डीपीएम बने की खबर को उजागर किया था जिसका नाम इनको हटाया गया और सिंपी ने अस्पताल अधीक्षक और उपाधीक्षक के दम पर या हमला करवाई है
समाजसेवी रौशन झा आजाद ने कहा कि पत्रकार पर हमला लोकतंत्र के लिए हानिकारक है,डॉक्टर सुशील कुमार आजाद 2007 से एक ही जगह सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर हैं इस वजह से उनका व्यवहार मरीजों के साथ आम जनमानस के लिए भी काफी खराब है,अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी जो फर्जी तरीके से अस्पताल प्रबंधक के पद पर है उसने सदर अस्पताल को भ्रष्टाचार का अड्डा बना कर रख दिया है।इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है।जल्द कार्रवाई हो अन्यथा पत्रकार के पक्ष में बड़ा जनांदोलन होगा जो संभाले नहीं संभलेगा।
मशाल जुलूस में युवा कांग्रेस नेता विक्रम यादव, बिपिन यादव जदयू नेता प्रवीण कुमार, अभय यादव,कुमोद कुमार,शंकर कुमार, राजन यादव, सुशील यादव, विरेन्द्र कुमार मुकेश कुमार आदि मौजूद थे






