
सहरसा। नगर निगम क्षेत्र में सड़क किनारे दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले स्ट्रीट वेंडरों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से स्थायी दुकान आवंटित करने तथा वेंडिंग जोन बनाए जाने की मांग की है। स्ट्रीट वेंडरों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर बार-बार बुलडोजर की कार्रवाई से उनकी दुकानें और सामान प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
स्ट्रीट वेंडर संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, सचिव सीएम झा एवं मुख्य कार्यपालक दीपक कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडरों को लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बैंक से ऋण लेकर ठेला और दुकान का कारोबार शुरू किया है। कार्रवाई के कारण दुकान और सामान को नुकसान पहुंचने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर उनके परिवार के भरण-पोषण पर पड़ रहा है।
वेंडर प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने के बाद कुछ स्थानों पर दोबारा नए लोगों द्वारा दुकानें या झोपड़ियां लगा ली जाती हैं, जबकि पहले से दुकान चला रहे वेंडर अपना रोजगार खोकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने स्थायी समाधान के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग की है।
दीपक कुमार सिंह ने कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से स्ट्रीट वेंडरों के लिए बैठक और व्यवस्था को लेकर कई बार चर्चा एवं घोषणा की गई, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं होने से समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि वेंडिंग जोन बनाए जाने से स्ट्रीट वेंडरों को निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने की सुविधा मिलेगी। इससे एक ओर गरीब दुकानदारों का रोजगार सुरक्षित हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी जमीन पर अनियंत्रित अतिक्रमण, यातायात बाधित होने और जाम की समस्या को भी व्यवस्थित तरीके से कम किया जा सकता है।
स्ट्रीट वेंडर संघ ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से सभी पात्र स्ट्रीट वेंडरों का उचित सर्वे कराकर उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में दुकान आवंटित करने की मांग की है।अगर चाहें तो इसी खबर के लिए 5 अलग-अलग दमदार वेबसाइट हेडलाइन भी तैयार कर सकता हूँ।





