भागलपुर। भागलपुर नगर निगम में विकास राशि के बंटवारे को लेकर जारी धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन के बीच महापौर ने आंदोलन कर रहे पार्षदों से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की अपील की है। महापौर कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन और अनशन किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जनप्रतिनिधियों को आपस में बातचीत कर जनहित में रास्ता निकालना चाहिए।
महापौर ने कहा कि पार्षदों की मांग के आधार पर ही विकास योजनाओं की एनआईटी जारी की गई थी। ऐसे में एनआईटी जारी होने के बाद विकास राशि के बंटवारे को लेकर सवाल उठाना और बिना बातचीत के आमरण अनशन पर बैठना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्तर पर विकास कार्यों को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय जरूरी है।
महापौर ने समाधान का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सभी पार्षद आपस में बैठकर उपलब्ध विकास राशि के बंटवारे को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लें। इसके बाद पार्षदों द्वारा तैयार की गई सूची निगम को सौंपी जाए। सूची के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नई एनआईटी जारी की जा सकती है।
उन्होंने विकास में समानता के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। महापौर के मुताबिक, विकास में समानता का अर्थ केवल सभी वार्डों में राशि का बराबर-बराबर बंटवारा करना नहीं है, बल्कि धरातल पर विकास कार्यों की समानता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कई अति पिछड़े वार्डों में सड़क, नाली और जलजमाव जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं। इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
महापौर ने धरने और आमरण अनशन पर बैठे पार्षदों से आंदोलन समाप्त कर आमने-सामने बैठकर बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष आपसी सहमति से ऐसा रास्ता निकालें, जिससे विकास कार्य प्रभावित न हों और आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।
प्रेस वार्ता में उप महापौर सहित नगर निगम के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विकास राशि के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब महापौर की बातचीत की अपील के बाद मामले में आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।





