सहरसा। बिहार में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया। लेकिन जिन बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को उनके आने की पूर्व सूचना दी गई थी, वे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात नहीं होने से नाराज हो गए। बांध पर अपना गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने नेताओं के वापस पटना लौट जाने के बाद जमकर हंगामा किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ के कारण प्रभावित कई ग्रामीण अपना घर छोड़कर बांध पर शरण लिए हुए हैं। इन्हीं ग्रामीणों को जानकारी दी गई थी कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने पहुंचेंगे। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण काफी देर तक बांध पर उनके आने का इंतजार करते रहे।
हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद दोनों नेता पटना के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बांध पर नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद इंतजार कर रहे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनसे मिलना ही नहीं था, तो उनके यहां आने की सूचना और वादा क्यों किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के सामने रखना चाहते थे। उनका कहना था कि बाढ़ के कारण वे अपने घरों से दूर बांध पर रहने को मजबूर हैं और कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इसके बाद ग्रामीणों ने बांध पर विरोध जताते हुए हंगामा किया। वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को नाराजगी जाहिर करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
ग्रामीणों की नाराजगी का मुख्य कारण मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाना बताया जा रहा है। अब इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।





