भागलपुर। बिहार में गंगा, कोसी और गंडक समेत कई नदियों के उफान के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को भागलपुर पहुंचे। दोनों नेताओं ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बाढ़ प्रभावित लोगों ने केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी जरूरतों से जुड़ी परेशानियां रखीं। दोनों नेताओं ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में रह रहे लोगों के लिए उपलब्ध भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों से राहत शिविरों में मौजूद परिवारों की संख्या और उनकी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान नेताओं ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अस्थायी है, लेकिन आपदा के समय प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों के साथ खड़ी है। बाढ़ से फसलों और मकानों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। आकलन के आधार पर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दोनों नेताओं को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत कार्यों और शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।






