
सहरसा: जिले में गैर-संचारी रोगों यानी एनपी-एनसीडी की समय पर पहचान और बेहतर इलाज के लिए 90 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत हो गई है। “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार अभियान” के तहत जिले में 30 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 10 लाख 98 हजार लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश पर जिला प्रशासन और जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से चलाया जा रहा यह अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गंभीर गैर-संचारी बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि समय रहते मरीजों को इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
अभियान का शुभारंभ 2 सितंबर को राजेंद्र स्टेडियम मैदान में सुबह 10:30 बजे आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूक किया। साथ ही अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जिला प्रशासन के मुताबिक, अभियान को सफल बनाने के लिए जिले की 245 स्वास्थ्य संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और स्वास्थ्य कर्मियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान होने से इनके प्रभावी उपचार में काफी मदद मिलती है। निर्धारित 90 दिनों में लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के तहत सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनपी-एनसीडी से संबंधित जांच की निशुल्क सुविधा उपलब्ध रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर आवश्यक जांच जरूर कराएं। समय पर जांच कराकर बीमारी की पहचान करना स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





