सहरसा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सहरसा के तत्वावधान में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बीएसएलएसए) की ओर से ‘अधिकार मित्र’ यानी पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) के लिए एक दिवसीय प्रमंडलीय स्तरीय जागरूकता एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पैरा लीगल वॉलंटियर्स के साथ न्यायिक पदाधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन 29 अगस्त 2026 को विकास भवन परिसर, सहरसा में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव कुद्दूस अंसारी, जज इंचार्ज मुकेश कुमार एवं नेहा कुमारी सहित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैरा लीगल वॉलंटियर्स को समाज में उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और आम लोगों तक कानूनी सहायता एवं उनके विधिक अधिकारों की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित करना था। विशेष रूप से समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता से जोड़ने तथा उन्हें सरकारी और कानूनी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों ने पैरा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पीएलवी न्याय और आम लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में पीएलवी की अहम भूमिका होती है।
पैरा लीगल वॉलंटियर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को गंभीरता से समझने और उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। साथ ही उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं और न्याय से जुड़े अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ‘अधिकार मित्र’ के रूप में पैरा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को और अधिक मजबूत करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे जागरूकता एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रमों से पीएलवी अधिक प्रभावी ढंग से जरूरतमंद लोगों की सहायता कर सकेंगे और समाज में कानूनी जागरूकता का दायरा मजबूत होगा।






