सावन के दौरान करीब डेढ़ महीने तक मांसाहार और तामसिक भोजन से परहेज करने वाले लोगों का इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। सावन समाप्त होते ही दरभंगा में मटन, चिकन और मछली की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में नॉनवेज दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
सैदनगर, लहेरियासराय टावर, बेता, कटहलबाड़ी, दोनार मछली मंडी, आयकर चौक, आजमनगर और सिंवधारा सहित कई क्षेत्रों में खरीदारों की भारी भीड़ रही। मुख्य सड़कों पर स्थित दुकानों के आसपास इतनी भीड़ जमा हो गई कि सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हुई और कई जगह जाम जैसी स्थिति बन गई। मटन और चिकन खरीदने पहुंचे लोगों को अपनी बारी के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बढ़ती मांग के साथ नॉनवेज की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला। मटन 700 से 800 रुपये प्रति किलो बिका, जबकि कुछ दुकानों पर इसकी कीमत करीब एक हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। चिकन की कीमत 200 से 240 रुपये प्रति किलो रही। कारोबारियों के अनुसार अचानक बढ़ी मांग के कारण स्टॉक कम पड़ने लगा, जिससे कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई।
दोनार मछली मंडी में भी रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। सुबह से ही यहां खरीदारों की लंबी कतार लगी रही और लोगों को करीब एक घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। मछली मंडी अध्यक्ष विशाल कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे तक ही करीब 80 से 90 लाख रुपये की मछली बिक चुकी थी और दोपहर तक बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ रुपये पार करने की संभावना थी।
शहर और जिले के अन्य इलाकों में भी मीट, मछली और चिकन की दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा रहा। बाजार से जुड़े लोगों के अनुमान के अनुसार सुबह से दोपहर तक जिले में नॉनवेज का कुल कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक रहा। दुकानदारों का कहना है कि इस बार सावन समाप्ति के बाद हुई बिक्री ने पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
महंगाई के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं दिखा। बढ़ी कीमतों और लंबी कतारों के बाद भी खरीदार बड़ी संख्या में मटन, चिकन और मछली खरीदते नजर आए।






