
जामताड़ा। जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड स्थित टेसजुरिया गांव से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शेख जहरलाल के घर में अचानक आग लगने से उनका आशियाना बुरी तरह प्रभावित हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
अचानक घर से उठती आग की तेज लपटों को देखकर परिवार के लोग घबरा गए। घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिवार के सदस्यों ने तुरंत आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। आग की घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए।
शेख जहरलाल के लिए यह घर सिर्फ रहने की जगह नहीं था, बल्कि उनके परिवार की रोजी-रोटी का भी महत्वपूर्ण सहारा था। घर में ही उनकी गाय और बकरियां रखी जाती थीं, जिनके सहारे परिवार का भरण-पोषण चलता है। आग लगने के बाद सबसे बड़ी चिंता यह थी कि कहीं घर में बंधे मवेशी आग की चपेट में न आ जाएं।
हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी टल गई। गांव के लोगों ने बिना समय गंवाए आग के बीच फंसी गाय और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से घर में मौजूद सभी मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे में बेजुबान जानवरों की जान बच जाना पीड़ित परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत की बात रही।
लेकिन आग बुझने के बाद शेख जहरलाल और उनके परिवार के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। घर को हुए नुकसान के बाद अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल रहने और परिवार का भरण-पोषण करने का है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन गुजार रहे हैं और गाय-बकरियां उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन हैं।
एक तरफ आग ने उनके आशियाने को नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ भविष्य की चिंता परिवार को परेशान कर रही है। इस कठिन समय में शेख जहरलाल को अब प्रशासन और समाज के लोगों से मदद की उम्मीद है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।
गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता से सभी गाय-बकरियों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन आग की इस घटना ने एक गरीब परिवार को फिर से जिंदगी की नई जंग लड़ने के लिए मजबूर कर दिया है।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा





