बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस-2 सीसीएस विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर डोमन महतो की इलाज के दौरान बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में मौत के बाद आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रबंधन द्वारा नियोजन देने से इनकार किए जाने के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। शनिवार को बीजीएच परिसर में मामले को लेकर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-5सी निवासी डोमन महतो बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस-2 सीसीएस विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। इलाज के दौरान बीजीएच में उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने मृतक के आश्रित को कंपनी में नौकरी देने की मांग उठाई। हालांकि, प्रबंधन की ओर से नियोजन को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं मिलने पर परिजनों की नाराजगी बढ़ गई।
मृतक के परिजनों का कहना है कि डोमन महतो लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे थे और नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करते थे। इसी दौरान उन्हें पेट में संक्रमण की समस्या भी उत्पन्न हुई, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक की मानसिक बीमारी से संबंधित जानकारी को लेकर स्पष्टता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने इस मामले में कई सवाल उठाए हैं। साथ ही बोर्ड की बैठक में परिवार के किसी सदस्य को शामिल नहीं किए जाने को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई और मामले की पारदर्शी तरीके से जांच तथा उचित निर्णय की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता भी बीजीएच परिसर पहुंचे और परिजनों के समर्थन में खड़े नजर आए। जेएलकेएम नेताओं ने बोकारो स्टील प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मृतक के आश्रित को नियोजन नहीं दिया गया तो बीजीएच परिसर में आंदोलन किया जाएगा।
मामले को लेकर प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। फिलहाल परिजन आश्रित को नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि इस पूरे मामले में प्रबंधन के अगले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो





