
बोकारो। सेक्टर-12E में जर्जर आवास गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। बोकारो उपायुक्त ने घटना पर संज्ञान लेते हुए चास एसडीएम प्रांजल ढांडा को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही एसडीएम को 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
उपायुक्त के निर्देश के बाद चास एसडीएम प्रांजल ढांडा सेक्टर-12E पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित आवासों के साथ आसपास के जर्जर मकानों की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सेक्टर-12E के कई आवासों की वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है। उनका कहना है कि जिन मकानों में वे रह रहे हैं, उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। दीवारों और अन्य आवासीय ढांचों की जर्जर स्थिति को लेकर लोग लंबे समय से चिंता जता रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया। एसडीएम प्रांजल ढांडा के अनुसार, जो आवास गिरा है, वह बीएसएल की डैमेज लिस्ट में शामिल नहीं था। वहीं, आसपास के कुछ आवास ऐसे हैं जिन्हें पहले से डैमेज लिस्ट में रखा गया था और उन आवासीय ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले को लेकर बीएसएल प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। निरीक्षण और स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की दिशा में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बीएसएल के मेंटेनेंस सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लीजधारी और लाइसेंसधारी आवासधारियों का कहना है कि वे मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान करते हैं, लेकिन उन्हें अपने स्तर से बीएसएल में मेंटेनेंस से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया है कि जब मेंटेनेंस के लिए शुल्क लिया जाता है, तो जर्जर आवासों की समय पर मरम्मत क्यों नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल सेक्टर-12E के दो ब्लॉकों तक सीमित नहीं है। बोकारो में समय-समय पर जर्जर बीएसएल आवासों के गिरने और उनकी खराब स्थिति की खबरें सामने आती रही हैं।
अब सभी की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। बड़ा सवाल यह है कि जांच के बाद जर्जर और डैमेज घोषित आवासों को लेकर जमीन पर ठोस कार्रवाई होगी या मामला केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह जाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन के कदम इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट





