केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए MMDR बिल के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर बोकारो जिला कांग्रेस कमेटी ने बोकारो डीसी कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए MMDR बिल को वापस लेने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने बोकारो डीसी के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि MMDR बिल के प्रावधानों से झारखंड के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और राज्य को मिलने वाले राजस्व में कमी आने की आशंका है।
धरने में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह और बोकारो विधायक श्वेता सिंह भी शामिल हुईं। दोनों विधायकों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए MMDR बिल को गरीब और आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य के लिए अभिशाप साबित हो सकता है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि राज्य सरकार के राजस्व पर इसका असर पड़ता है तो इसका सीधा प्रभाव विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है।
विधायकों ने दावा किया कि राजस्व में कमी का असर मंईयां सम्मान योजना, कृषि मित्रों के मानदेय, सहिया के बढ़े हुए मानदेय और होमगार्ड जवानों के वेतन समेत कई योजनाओं पर पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को इस बिल पर पुनर्विचार करना चाहिए।
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और MMDR बिल वापस लेने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राज्य के हितों और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी आगे भी विरोध जारी रखेगी।






