धनबाद। रणधीर वर्मा चौक पर गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में राम मंदिर चंदा मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और MMDR बिल का विरोध प्रमुख मुद्दा रहा।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। पार्टी नेताओं ने राम मंदिर चंदा मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट जनता के सामने रखी जानी चाहिए। इससे लोगों को यह पता चल सकेगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर क्या स्थिति है।
धरने को संबोधित करते हुए धनबाद की पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अनुपमा सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि MMDR बिल के जरिए झारखंड के हितों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका दावा है कि इस बिल का असर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों पर पड़ सकता है।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राजेश किरण ने भी केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान और अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों की बड़ी भूमिका है और राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर किसी तरह का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डॉ. राजेश किरण ने धनबाद सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में MMDR बिल के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को जनता देख रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी झारखंड के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। रणधीर वर्मा चौक पर हुए प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार को दोनों मुद्दों पर घेरते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।








