संशोधित एमएमडीआर विधेयक के खिलाफ कांग्रेस ने 27 अगस्त को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसी सिलसिले में बोकारो पहुंचे कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संशोधित एमएमडीआर विधेयक को संविधान और राज्यों के अधिकारों पर हमला बताते हुए दावा किया कि इसके लागू होने से झारखंड को हर साल करीब 14 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
बोकारो सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र के इस फैसले का सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि यदि राज्य को मिलने वाली राशि में कमी आती है तो सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने विशेष रूप से महिला सम्मान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर राज्य की महिलाओं पर पड़ेगा।
राजेश ठाकुर ने कहा कि ऐसी योजनाएं किसी एक राजनीतिक दल के समर्थकों के लिए नहीं हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं और उनके परिवारों को भी राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिलता है। ऐसे में उन्हें भी इस मुद्दे पर राज्य के हित में आवाज उठानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि एमएमडीआर विधेयक में संशोधन झारखंड के हित में है तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि इससे राज्य को कितना लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक से होने वाले संभावित नुकसान को लेकर जनता के बीच जाएगी और आंदोलन को मजबूत करेगी।
राजेश ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, हालांकि वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस के मुताबिक 27 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार से संशोधित विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी। पार्टी ने इसे झारखंड के आर्थिक हित और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है।
संवाददाता — चंदन सिंह बोकारो





