मुंगेर व्यवहार न्यायालय में एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट परिसर में अचानक अफरा-तफरी मच गई। जेल ले जाते समय कैदी वाहन में अभियुक्तों ने जमकर हंगामा किया और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान वाहन का शीशा भी टूट गया और कुछ अभियुक्तों ने भागने की कोशिश की। हालांकि, सभी को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
मामला मार्च 2025 में होली के दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या से जुड़ा है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने आठ नामजद अभियुक्तों रणवीर कुमार, रंजीत कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
फैसले के बाद सभी अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा भेजा जा रहा था। इसी दौरान कैदी वाहन के अंदर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, अभियुक्तों ने सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ मारपीट की और वाहन का शीशा तोड़ दिया।
हंगामे में हाजत प्रभारी एसआई विनोद कुमार, सेशन कोर्ट के हवलदार विदेश्वरी मांझी और महिला सिपाही निर्जला कुमारी घायल हो गईं। महिला सिपाही के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद वह वाहन के अंदर बेहोश हो गईं। वहीं, दो अभियुक्त राजू कुमार और गुड्डू कुमार भी घायल हुए। सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सैयद इमरान मसूद पुलिस बल के साथ कोर्ट पहुंचे। अतिरिक्त बल की तैनाती कर स्थिति नियंत्रित की गई और सभी आठ अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंडल कारा भेज दिया गया।
एसपी ने बताया कि घटना को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब हंगामे, हमले और कैदी वाहन का शीशा टूटने की पूरी घटना की जांच कर रही है।






