मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में करीब तीन महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए कारोबारी दंपति की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि कारोबारी के छोटे भाई अनुज ने ही की थी। आरोपी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में हत्या की वजह संपत्ति विवाद सामने आई है।
दरअसल, 19 मई 2026 की रात कारोबारी मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद उनकी बेटी शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में उन्होंने अपने चाचा पर माता-पिता को गायब करने की आशंका जताई थी। पुलिस ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के साथ आसूचना तंत्र की मदद से मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी अनुज की भूमिका पर संदेह हुआ। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने बड़े भाई मनोज भगत के सिर पर मूर्ति से वार कर उनकी हत्या की, जबकि उनकी पत्नी मीनू देवी की गला दबाकर हत्या की। इसके बाद दोनों शवों को कंबल में लपेटकर बोचहा थाना क्षेत्र में करीब 10 किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार, साक्ष्य मिटाने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल किया गया।
हत्या के बाद आरोपी कार लेकर अपनी बहन के घर पहुंचा और वहां कार छोड़कर फरार हो गया। कुछ समय बाद आरोपी खुद भी लापता हो गया। 4 अगस्त को उसकी बहन ने उसके लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। जांच में आरोपी की लोकेशन वाराणसी में मिली, जिसके बाद यूपी पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर मुजफ्फरपुर लाया गया।
पुलिस अब आरोपी के बयान और बरामद साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच जारी है।





