
सारण जिले के परसा नगर पंचायत में रविवार को एनआईए ने AK-47 नेटवर्क और हथियार तस्करी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की। दिल्ली और पटना से पहुंची एनआईए की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल के साथ नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर करीब चार घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान घर के आने-जाने वाले रास्तों को बंद रखा गया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई।
छापेमारी पूरी होने के बाद एनआईए की टीम मुख्य पार्षद के पुत्र और वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना ले गई। एनआईए ने प्रेस रिलीज जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी है।
एनआईए के मुताबिक, मामला मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र में AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि करमुल्लाह अंसारी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित और अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की साजिश रची थी। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क का उद्देश्य सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना था।
इस मामले में एनआईए अब तक कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। 8 मई 2025 को विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद मंजूर खान और कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ भी अलग-अलग सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
वहीं, 19 अगस्त 2026 को मुजफ्फरपुर से भैरव त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच में अत्याधुनिक हथियारों, AK-47 के पुर्जों, संदिग्ध फंडिंग और नेटवर्क से जुड़ी अन्य गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी इसी आवास पर एनआईए ने करीब 10 से 12 घंटे तक छापेमारी की थी। उस दौरान दस्तावेजों, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद परसा इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।





