पटना: राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। चौथे चरण की शिक्षक बहाली में पीटी और मेंस की प्रक्रिया हटाने, परीक्षा की तारीख घोषित करने, शिक्षक बहाली के साथ लाइब्रेरियन के पदों पर वैकेंसी निकालने, बीपीएसएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता और बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि जारी करने समेत कई मांगों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
आंदोलन में बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार के पुराने चुनावी वादों की कटआउट लेकर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप का आरोप है कि सरकार ने रोजगार के नाम पर युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन अब तक कई भर्तियां पूरी नहीं हुई हैं।
छात्रों का कहना है कि भाजपा और जदयू की ओर से 6500 लाइब्रेरियन पदों पर बहाली की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक वैकेंसी जारी नहीं हुई। गया से पहुंची लाइब्रेरियन अभ्यर्थी रिंकी कुमारी ने कहा कि वर्षों से लाइब्रेरियन के पद खाली हैं। उन्होंने चौथे चरण की शिक्षक बहाली के साथ लाइब्रेरियन की भर्ती निकालने की मांग की।
सुपौल की छात्रा खुशी कुमारी ने चौथे चरण की शिक्षक बहाली को पहले के चरणों की तरह कराने की मांग की। उनका कहना है कि अभ्यर्थी पहले ही डीएलएड, सीटेट और शिक्षक भर्ती की तैयारी में काफी समय और पैसा लगा चुके हैं। अब पीटी और मेंस की व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया और लंबी होने की आशंका है।
वहीं, छात्रा चंदा कुमारी ने कहा कि सरकार से उनका विरोध नहीं, बल्कि उसके वादों को याद दिलाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में गांधी मैदान से विधानसभा घेराव कार्यक्रम किया जाएगा।
छात्र नेता दिलीप ने पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने की स्थिति में अभ्यर्थियों को 5 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।






