पटना जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के पुरानी बाईपास में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पंकज कुमार की हार्डवेयर की दुकान और घर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची घायल हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोगों को संभलने और बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। हादसे में पंकज कुमार की 45 वर्षीय पत्नी रीमा देवी और 70 वर्षीय मां गीता देवी की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, छह माह की मासूम आस्था भी इस अग्निकांड में जिंदा जल गई।
बताया जा रहा है कि आस्था मोनी देवी की छह माह की पुत्री थी और पंकज कुमार के गोतिया की नातिन बताई जा रही है। घटना के दौरान मोनी देवी भी घायल हो गईं। बताया गया कि एक बच्ची ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थाना पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आयुष श्रीवास्तव और थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस और दमकलकर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। दमकलकर्मियों द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद घटनास्थल की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, आग से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।






