सीवान: सीवान जंक्शन के फुट ओवरब्रिज पर शुक्रवार को लावारिस हालत में संदिग्ध सूटकेस मिलने से स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो की ओर जाने वाले फुट ओवरब्रिज पर सूटकेस दिखाई देते ही आरपीएफ के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और आसपास के इलाके को सुरक्षित कर दिया।
सूचना मिलते ही आरपीएफ निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव मेटल डिटेक्टर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने सूटकेस की जांच शुरू की। मेटल डिटेक्टर से संकेत मिलने के बाद एहतियात के तौर पर सूटकेस वाले स्थान की घेराबंदी कर दी गई। यात्रियों की आवाजाही रोकने के लिए स्वचालित सीढ़ी को भी बंद कर दिया गया।
सुरक्षा को देखते हुए प्लेटफॉर्म संख्या एक से कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन भी रोक दिया गया। संदिग्ध सूटकेस की खबर फैलते ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ निरीक्षक ने वरीय अधिकारियों को सूचना दी और छपरा से बम निरोधक दस्ते को बुलाने की मांग की। वहीं, नगर इंस्पेक्टर अविनाश कुमार भी सशस्त्र बलों के साथ सीवान जंक्शन पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में सूटकेस किसी यात्री का होने की बात सामने आई, लेकिन सुरक्षा जांच पूरी होने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
आरपीएफ निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि बम निरोधक दस्ते की जांच के बाद ही सूटकेस के बारे में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। एहतियात के तौर पर इलाके को घेरकर रखा गया था।
फिलहाल प्लेटफॉर्म संख्या एक से ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार सिंह भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। आरपीएफ और पुलिस की तत्परता से किसी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते टाल दिया गया। सूटकेस में आखिर क्या था, इसका अंतिम खुलासा सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।






