बिहार पुलिस और परिवहन विभाग ने राज्यभर में लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत 90 दिन से अधिक पुराने ई-चालानों के समाधान के लिए विशेष लोक अदालतें आयोजित की जाएंगी, जहां वाहन चालकों को एकमुश्त भुगतान पर करीब 50 फीसदी तक की छूट मिलेगी.
एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि इस श्रृंखला की पहली लोक अदालत 9 मई को पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित की गई. उन्होंने कहा कि अगले साल मार्च तक चरणबद्ध तरीके से ऐसी लोक अदालतें लगाई जाती रहेंगी, ताकि लोग आसानी से अपने पुराने चालानों का निपटारा करा सकें.
वाहन मालिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपने चालान का भुगतान कर सकेंगे. अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य लोगों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ सरकार के लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है.
इस दौरान एडीजी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार की नई राहत योजना की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को शुरू की गई पीएम राहत योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए सरकार 1.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी. योजना का लाभ लेने के लिए घायल को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती कराना और ई-डार पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना जरूरी होगा. आयुष्मान कार्ड धारक इसका अतिरिक्त लाभ भी ले सकेंगे.
सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में पुलिस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी नए निर्देश जारी किए गए हैं. मोटरयान अधिनियम की धारा 136 के तहत अब दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को थानों में लंबे समय तक नहीं रखा जाएगा. एमवीआई जांच पूरी होने के बाद वाहन 24 घंटे के भीतर छोड़ना अनिवार्य होगा.
यदि किसी व्यक्ति को दुर्घटनाग्रस्त वाहन छुड़ाने में परेशानी होती है, तो वह पुलिस मुख्यालय के हेल्पलाइन नंबर 9031829356 पर शिकायत कर सकता है. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं.
