कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड स्थित रोहिया घाट पर इन दिनों अवैध रूप से नाव परिचालन किए जाने का मामला सामने आया है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक घाट की आधिकारिक डाक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, बावजूद इसके नदी में नावों का संचालन धड़ल्ले से जारी है. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं रोजाना नदी पार करने वाले लोगों की जान भी जोखिम में पड़ गई है.
स्थानीय लोगों के अनुसार रोहिया घाट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं. स्कूल जाने वाले छात्र, मरीज, मजदूर और व्यापारी इसी घाट पर निर्भर हैं. लेकिन बिना अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों के नाव संचालन होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों का आरोप है कि नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर नदी पार कराया जा रहा है, जिससे डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.
इस मामले में पंचायत के मुखिया डॉक्टर भरत कुमार राय ने बताया कि पहले पंचायत स्तर पर घाट की डाक प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी, लेकिन अब डाक राशि 50 हजार रुपये से अधिक होने के कारण पंचायत स्तर पर इसका निष्पादन संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर दिशा-निर्देश मांगा गया है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. इसी कारण फिलहाल बिना डाक के ही नावों का परिचालन जारी है.
मुखिया ने यह भी कहा कि घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और बरसात का मौसम नजदीक होने से खतरा और बढ़ गया है. वहीं पूरे मामले पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि जिन घाटों को नाव परिचालन की अनुमति नहीं मिली है, वहां संचालन बंद कराया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तक लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध नाव परिचालन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
