मुजफ्फरपुर की बबली कुमारी आज समाज में एक मिसाल बन चुकी हैं। जिनके घर बेटी नहीं हुई, उन्होंने समाज की गरीब और जरूरतमंद बेटियों को ही अपनी बेटी मान लिया। अब तक वे 30 से ज्यादा गरीब लड़कियों की शादी करवा चुकी हैं और कई बेटियों का कन्यादान भी खुद कर चुकी हैं।

बबली बताती हैं कि उनका सपना था कि उनके घर बेटी जन्म ले, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने समाज की बेटियों के लिए कुछ करने का फैसला किया। करीब आठ साल पहले बाजार में एक महिला अपनी बेटी की शादी को लेकर रोते हुए मिली। आर्थिक तंगी के कारण वह शादी नहीं कर पा रही थी। तभी बबली ने उसकी मदद का संकल्प लिया और यहीं से उनके सामाजिक अभियान की शुरुआत हुई।

घर लौटकर उन्होंने परिवार से बात की। शुरुआत में लोगों ने इसे कठिन काम बताया, लेकिन उनके पति ने पूरा साथ दिया। इसके बाद बबली ने लड़की के लिए योग्य वर ढूंढा, शादी की व्यवस्था करवाई और सिलाई प्रशिक्षण देकर उसे आत्मनिर्भर भी बनाया। मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से शादी करवाई गई और कन्यादान भी बबली ने ही किया।

धीरे-धीरे उनकी सोच से प्रभावित होकर कई महिलाएं जुड़ती गईं। आज 25 महिलाओं की टीम उनके साथ काम कर रही है। ज्यादातर महिलाएं गृहिणी हैं, जो अपने घर खर्च से बचत कर इस नेक काम में योगदान देती हैं। साल 2023 में उन्होंने ‘सोशल वर्कर फॉर वूमेन एंपावरमेंट’ नाम से संस्था बनाकर इसे संगठित रूप दिया।

यह संस्था सिर्फ गरीब बेटियों की शादी ही नहीं करवाती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई और पार्लर जैसी ट्रेनिंग भी देती है। हर शादी में टीम राशन, सजावट और जरूरी सामान की व्यवस्था करती है। बबली और उनकी टीम आज समाज में बेटियों को सम्मान और नया जीवन देने का काम कर रही है।

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