बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के पहले विस्तार में रामनगर (सु) से भाजपा विधायक नंदकिशोर राम को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस फैसले के साथ रामनगर विधानसभा क्षेत्र को करीब 21 वर्षों बाद मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला है, जिससे इलाके में खुशी का माहौल है।
नंदकिशोर राम बगहा जिले के प्रखंड-1 अंतर्गत कोल्हुवा गांव के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रामनगर स्थित हरिनगर उच्च विद्यालय से हुई, जबकि उन्होंने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की।
उनका राजनीतिक सफर 1994 में शुरू हुआ था। शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (BSP) से हुई और 1998 में उन्होंने बगहा लोकसभा सीट से बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे जद(यू) में शामिल हुए और फिर भाजपा में अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की। वे बगहा जिला भाजपा इकाई में उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं।
2025 के विधानसभा चुनाव में नंदकिशोर राम ने भाजपा के टिकट पर रामनगर (सु) सीट से पहली बार चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड सवा लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया। उनकी यह जीत क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और जनाधार को दर्शाती है।
चुनाव जीतने के महज छह महीने के भीतर उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे पार्टी उनके लगातार बढ़ते जनसमर्थन और संगठनात्मक अनुभव का परिणाम मान रही है।
मंत्री बनाए जाने के बाद रामनगर क्षेत्र में जश्न का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित योजनाओं को गति मिलेगी।
