पटना में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल के लोकभवन मार्च के दौरान एक अलग तस्वीर देखने को मिली। आमतौर पर पार्टी के झंडे के साथ प्रदर्शन करने वाले RJD कार्यकर्ता इस बार बड़ी संख्या में हाथों में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे। जेपी गोलंबर से शुरू हुए इस मार्च में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को लेकर विशेष सतर्कता बरती। एसडीएम कृतिका मिश्रा लगातार माइकिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों से तिरंगे का सम्मान बनाए रखने की अपील करती रहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को कमर से ऊपर रखा जाए, उसे जमीन से न छूने दिया जाए और केसरिया रंग हमेशा ऊपर की तरफ रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि तिरंगे का अपमान करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील के बाद RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी तिरंगे की गरिमा बनाए रखने की अपील की। पार्टी नेताओं की गाड़ियों से भी बार-बार कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का ध्यान रखने के लिए कहा गया।
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। वहीं JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध किया जाए, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी जिक्र किया।
RJD का मार्च जेपी गोलंबर से राजभवन की ओर बढ़ा, लेकिन डाकबंगला चौराहा के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारी इनकम टैक्स चौराहा तक पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। यहां काफी देर तक नारेबाजी हुई। मार्च में तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बाद में तेजस्वी यादव समेत RJD नेताओं को पार्टी कार्यालय में नजरबंद किया गया। एसडीएम ने तेजस्वी यादव को डिटेन किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
RJD का यह प्रदर्शन सिवान में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की जांच, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर था। तेजस्वी यादव मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






