समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर बुधवार को रेलवे के एक अधिकारी की संवेदनशीलता की खूब चर्चा हो रही है। दलसिंहसराय स्थित परीक्षा केंद्र पर जाने के लिए बड़ी संख्या में स्नातक परीक्षार्थी स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें 75246 डाउन पैसेंजर ट्रेन से यात्रा करनी थी, लेकिन ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 7 बजकर 57 मिनट से करीब एक घंटा 24 मिनट लेट चल रही थी। ऐसे में 40 से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा छूटने की चिंता सताने लगी।
इसी दौरान सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन का स्पेशल इंस्पेक्शन कोच शाहपुर पटोरी स्टेशन पहुंचा। स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद डीआरएम ने परेशान परीक्षार्थियों से बातचीत की। छात्रों ने ट्रेन लेट होने और परीक्षा छूटने की आशंका की जानकारी दी।
परीक्षार्थियों की परेशानी सुनकर डीआरएम ने तुरंत मदद का फैसला लिया और सभी छात्रों को अपने स्पेशल इंस्पेक्शन कोच में बैठने की अनुमति दे दी। इसके बाद 40 से अधिक छात्र-छात्राएं स्पेशल कोच से विद्यापति धाम स्टेशन पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग के जरिए वे समय रहते अपने-अपने परीक्षा केंद्र पहुंचने में सफल रहे।
परीक्षार्थी उत्तम गुप्ता ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन के लेट होने से उन्हें परीक्षा छूटने की चिंता थी, लेकिन डीआरएम की मदद से वे समय पर केंद्र पहुंच सके। छात्रों ने डीआरएम के इस कदम के लिए उनका आभार जताया।
वहीं, परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने भी डीआरएम अमित सरन की पहल की सराहना की। उनका कहना है कि अधिकारी का यह कदम छात्रों के भविष्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
शाहपुर पटोरी की यह घटना अब चर्चा में है। डीआरएम की पहल ने न केवल कई छात्रों की परीक्षा बचाई, बल्कि यह भी संदेश दिया कि संवेदनशील प्रशासनिक रवैया आम लोगों की बड़ी परेशानियों को आसानी से दूर कर सकता है।






