केंद्र सरकार ने देशभर में एक अत्याधुनिक मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का सफल परीक्षण किया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के दौरान लोगों को समय रहते सतर्क करना है। इस सिस्टम को “सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट” कहा जाता है और इसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
शनिवार को किए गए इस टेस्ट के तहत देश के कई हिस्सों में मोबाइल फोन पर एक फ्लैश मैसेज और तेज अलार्म टोन के साथ चेतावनी संदेश भेजा गया। यह संदेश केवल परीक्षण के उद्देश्य से था और सरकार की ओर से साफ तौर पर कहा गया था कि इसे देखकर घबराने या किसी तरह की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है।
यह अलर्ट सिस्टम “सचेत” यानी SACHET प्लेटफॉर्म के माध्यम से काम करता है, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने विकसित किया है। यह तकनीक कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है, जिसे अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा मान्यता प्राप्त है।
इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने, गैस रिसाव या केमिकल हादसों जैसी आपात स्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक तुरंत और सटीक जानकारी पहुंचाना है। खास बात यह है कि यह अलर्ट केवल उन्हीं इलाकों में भेजा जाएगा जहां खतरा मौजूद होगा, जिससे समय पर सतर्कता बढ़ेगी और जान-माल की हानि को कम किया जा सकेगा।
सरकार पहले भी इस तरह के परीक्षण कर चुकी है, लेकिन इस बार देशव्यापी स्तर पर इसकी जांच की गई ताकि इसकी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जा सके।
यह टेस्ट अलर्ट केवल उन्हीं मोबाइल फोनों पर प्राप्त हुआ जिनमें सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट चैनल सक्रिय थे। उपयोगकर्ता अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर “वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट” के तहत इन अलर्ट को चालू या बंद कर सकते हैं।
देशभर में सफल परीक्षण के बाद, जल्द ही यह सिस्टम पूरी तरह लागू किया जाएगा और विभिन्न भारतीय भाषाओं में सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक आपातकालीन संदेश पहुंचाए जाएंगे।
