सहरसा वन प्रमंडल क्षेत्र में गर्मी के मौसम के दौरान बढ़ते अग्निकांड के खतरे को देखते हुए आग से बचाव और नुकसान को कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में सहरसा वन प्रमंडल के अधिकारी, अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी तथा संबंधित कर्मी शामिल हुए।

 

गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में त्वरित नियंत्रण, बचाव के उपाय और नुकसान को न्यूनतम करने की रणनीति तैयार करना था। बैठक में अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी सहरसा श्याम सुंदर प्रसाद यादव ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि एक सप्ताह पूर्व उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से इस विषय पर विशेष गोष्ठी आयोजित करने का आग्रह किया था।

 

उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं अधिक होती हैं, जिससे पर्यावरण, वन संपदा और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में समय रहते जागरूकता और समन्वय बेहद जरूरी है।

 

श्याम सुंदर प्रसाद यादव ने कहा कि पिछले सप्ताह अग्निशमन सप्ताह मनाया गया था, जिसके तहत लोगों को आग से बचाव, सतर्कता और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में जागरूक किया गया। उसी अभियान की कड़ी में आज की यह गोष्ठी आयोजित की गई, ताकि वन क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सके।

 

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वन क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाए, ताकि आग लगने की सूचना समय पर मिल सके और तुरंत कार्रवाई संभव हो। साथ ही वन कर्मियों को अग्निशमन के प्राथमिक प्रशिक्षण और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया।

 

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम लोगों की भी भागीदारी आवश्यक है। जागरूकता, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ही वन संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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