भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरारी में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नीति आयोग की पहल के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देना और जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में भारत सरकार नीति आयोग के विशेष निगरानीकर्ता उमाकांत सर ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में स्वरोजगार ही आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि महिलाएं अपने हुनर को पहचानकर उसे व्यवसाय का रूप दें, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बना सकती हैं।
उन्होंने कहा कि सिलाई, कढ़ाई, डेयरी, मशरूम उत्पादन, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं। नीति आयोग का उद्देश्य है कि हर पंचायत में महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनें और “लखपति दीदी” योजना का लाभ प्राप्त करें।
इस अवसर पर BPM विवेक सर ने कहा कि जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंकिंग सुविधा और स्वरोजगार के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं प्रखंड कार्यपालक श्याम यादव ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही तरीके से हर जरूरतमंद महिला तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बरारी पंचायत के मुखिया जयकरण पासवान ने भी महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि महिलाएं अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी प्राप्त की। महिलाओं में इस पहल को लेकर उत्साह देखा गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
