सिवान से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है, जहां रघुनाथपुर सीट से आरजेडी विधायक ओसामा शहाब को अदालत से राहत नहीं मिली है। स्थानीय कोर्ट ने जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
इस मामले की सुनवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतिश कुमार सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव और अभियोजन पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता नवेंदु शेखर दीपक ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि ओसामा शहाब का इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं है और गिरफ्तारी से पहले उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ मिलना चाहिए।
वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रमील कुमार (उर्फ गोप बाबू) ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत देना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विधायक की अग्रिम जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। अब इस फैसले के बाद ओसामा शहाब के खिलाफ गिरफ्तारी की आशंका भी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत 15 अप्रैल को हुई थी, जब सिवान नगर के महादेवा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस एफआईआर में ओसामा शहाब समेत चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 30 से 35 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।
यह शिकायत गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के कमनपुरा निवासी डॉक्टर विनय कुमार और उनकी पत्नी डॉ. सुधा सिंह ने दर्ज कराई थी, जो वर्तमान में गोरखपुर में रहते हैं। ओसामा शहाब पूर्व बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं और हाल ही में 2025 विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बने हैं।
