बिहार की राजनीति में एक बार फिर महिला रोजगार योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने करोड़ों महिलाओं के साथ वादा खिलाफी की है और चुनावी लाभ के लिए उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किया गया।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 18 लाख महिलाओं को योजना की पहली किश्त तक नहीं मिली, जबकि 1 करोड़ से अधिक जीविका दीदियों और अन्य महिलाओं को दूसरी किश्त का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता के नाम पर सिर्फ भ्रमित किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार की महिलाओं के साथ एनडीए सरकार ने विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा, “सफेद झूठ बोलकर महिलाओं की भावनाओं का दोहन किया गया और करोड़ों महिलाओं के साथ दिनदहाड़े धोखेबाजी की गई है।”
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये की पहली किश्त देकर वोट लेने की कोशिश की गई। साथ ही यह वादा किया गया कि चुनाव के बाद दो लाख रुपये की शेष राशि दी जाएगी। इतना ही नहीं, महिलाओं को यह भी डर दिखाया गया कि अगर उन्होंने गलत पार्टी को वोट दिया, तो दिए गए पैसे वापस ले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव बीते छह महीने हो चुके हैं, लेकिन दूसरी किश्त अब तक महिलाओं के खातों में नहीं पहुंची। इससे साफ है कि सरकार के पास नीयत भी नहीं है और न ही संसाधन।
तेजस्वी यादव के अनुसार, राज्य का खजाना खाली हो चुका है और सरकार केवल चुनावी फायदा उठाने के लिए महिलाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान और विश्वास के साथ सीधा धोखा बताया।
इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या जवाब देती है।
