बिहार में रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए सरकार ने राहत का नया रास्ता खोल दिया है। अब जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस की दुकानों पर अनाज के साथ-साथ कोयला भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे आम लोगों की रसोई ठप न पड़े।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश के बाद इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून यानी एनएफएसए के तहत आने वाले लाभार्थियों को तय दर पर कोयला दिया जाएगा। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार एलपीजी गैस के विकल्प के रूप में कोयले का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ा है। कई इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे हालात में सरकार ने कोयले को एक अस्थायी विकल्प के रूप में सामने लाकर राहत देने की कोशिश की है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी आपूर्ति कोल कंपनियों से लेकर स्थानीय पीडीएस दुकानों तक सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वितरण में कोई बाधा न आए। सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।
साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
सरकार का मानना है कि यह कदम मौजूदा संकट के दौरान आम लोगों को बड़ी राहत देगा और उनकी रसोई को चालू रखने में मददगार साबित होगा।
