सावन की तीसरी सोमवारी पर भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए रविवार शाम बड़ी संख्या में कांवरिये चास से चिरका धाम के लिए रवाना हुए। कांवरियों की भीड़ के बीच श्रद्धालुओं में भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और उत्साह देखने को मिला, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चास-पुुरुलिया हाईवे पर कांवरियों की बड़ी संख्या के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। खासकर पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन लगातार बेरोकटोक जारी है। ऐसे में सड़क पर एक ओर पैदल कांवरियों की भीड़ और दूसरी ओर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही श्रद्धालुओं के लिए खतरा बनी हुई है।
कांवरियों की सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती या अलग लेन की व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, बीच-बीच में पेट्रोलिंग वाहन जरूर नजर आ रहे हैं, लेकिन कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
सबसे गंभीर बात यह है कि इसी हाईवे पर महज दो दिन पहले भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद कांवरियों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
सावन की सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु चिरका धाम की ओर पैदल यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में यदि भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित नहीं किया गया और कांवरियों के लिए सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय लोगों और कांवरियों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और कांवरियों के लिए सुरक्षित लेन या मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आस्था की यह यात्रा किसी अनहोनी में न बदल जाए।







