
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने भरत भूषण तिवारी के परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने के बिहार सरकार के फैसले को लेकर बड़ा बयान दिया है। वार्ड संख्या 16 की जनता से मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार को नौकरी देने की घोषणा बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम का असर है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जिस तरह से अपना फैसला सुनाया, उसके बाद सरकार को भरत तिवारी के परिवार के पक्ष में कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार को नौकरी और मुआवजा देने का मामला नहीं है, बल्कि कथित एनकाउंटर में मारे गए युवाओं को न्याय दिलाने का सवाल है।
पीके ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार को नौकरी और आर्थिक सहायता देना अच्छी बात है, लेकिन इससे पूरा न्याय नहीं होगा। न्याय तभी होगा जब उन लोगों पर कार्रवाई होगी, जिन्होंने गोली चलाई और जिन अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों के आदेश पर कार्रवाई हुई, उनकी भूमिका की भी जांच होगी।
उन्होंने कहा कि किसी बच्चे की मौत की कीमत सरकारी नौकरी और कुछ रुपये नहीं हो सकती। अगर सरकार भरत तिवारी के परिवार को नौकरी दे रही है तो कथित एनकाउंटर में मारे गए अन्य युवाओं के परिवारों को भी सहायता और न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने बंटी यादव के परिवार का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार को भी नौकरी दी जानी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नौकरी का लालच देकर समाज को चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी तब होगी, जब मुआवजे के साथ-साथ कथित एनकाउंटर के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता का फैसला केवल चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि बिहार में लोकतंत्र और जवाबदेही की शुरुआत का संकेत है। पीके ने कहा कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा और हर परिवार को न्याय दिलाने के लिए समान नीति अपनानी होगी।





