बिहार आज अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। 22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा दिया गया था, और तब से यह दिन राज्य के गौरव और पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस खास मौके पर राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर भव्य समारोह का केंद्र बना हुआ है।

 

22 मार्च से 24 मार्च तक चलने वाले इस ‘बिहार दिवस’ समारोह की थीम “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” रखी गई है। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास योजनाओं और भविष्य के संकल्पों को एक मंच पर प्रस्तुत करना है। कार्यक्रम में जहां एक ओर पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तिकरण और जीविका समूहों की सफलता की कहानियां भी प्रदर्शित की जा रही हैं।

 

इस भव्य आयोजन में संगीत का भी खास आकर्षण देखने को मिल रहा है। पहले दिन मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगी। दूसरे दिन लोकप्रिय गायक शान दर्शकों का मनोरंजन करेंगे, जबकि अंतिम दिन पापोन के सुरों के साथ इस समारोह का भव्य समापन होगा।

 

इसके अलावा श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, वहीं रविंद्र भवन में लोकगीतों की मधुर गूंज सुनाई दे रही है।

 

कुल मिलाकर, बिहार दिवस का यह आयोजन न सिर्फ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहा है, बल्कि विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को भी मजबूती से दर्शा रहा है। यह उत्सव बिहार की पहचान, परंपरा और प्रगति का एक जीवंत प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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