बिहार की सियासत को लेकर सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता ने बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद राज्य में अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होगा। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
आईपी गुप्ता ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक हालात और पहले से बने समीकरण इस ओर साफ इशारा करते हैं कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होने पर मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिन तीन नामों की चर्चा इस समय सामने आ रही है, उनमें से किसी एक नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। खास बात यह है कि इन नामों में से किसी पिछड़ा या अतिपिछड़ा वर्ग के नेता को ही प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।
निशांत कुमार के नाम को लेकर चल रही अटकलों पर भी विधायक ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर जनता दल (यूनाइटेड) का ही मुख्यमंत्री बनने वाला होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि यदि जदयू के पास ही मुख्यमंत्री पद रहना तय होता, तो नीतीश कुमार राज्यसभा नहीं जाते।
आईपी गुप्ता ने आगे कहा कि यह पूरी स्थिति कोई अचानक नहीं बनी है, बल्कि चुनाव के दौरान ही यह लगभग तय हो चुका था कि आगामी मुख्यमंत्री भाजपा से ही होगा। उन्होंने इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि जनता के सामने भी यह संकेत पहले ही स्पष्ट था।
विधायक के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के बीच इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और मुख्यमंत्री पद को लेकर क्या अंतिम फैसला सामने आता है।
