बिहार के जिलों में साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें करीब 2 करोड़ रुपये की अवैध डकैती का मामला सामने आया है। इस मामले में पोर्टफोलियो पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चार्टर्ड अकाउंटेंट, एक बैंक मैनेजर समेत कुल 6 फर्जी लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को बड़े खुलासे की उम्मीद है।

यह कार्रवाई “ऑपरेशन ऑपरेशन हिट 2.0” के अंतर्गत साइबर प्लेटफ़ॉर्म फ़्लोरिडा द्वारा की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने म्यूनिसिपल अकाउंट्स यानी रिटार्यड बैंक के माध्यम से अवैध परिवहन के एक बड़े नेटवर्क का पता लगाया। साइबर सिक्योरिटीज रामकृष्ण के, गिरफ्तार चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल और रवि शंकर ने अपने बैंक अकाउंट में इस्तेमाल की गई साइबर फाइनेंस कंपनियों के बारे में जानकारी दी। इन दस्तावेजों के जरिये करीब 50 लाख 69 हजार रुपये की अवैध चोरी हुई है।

खुद को बचाने के लिए दोनों आरोपियों ने पुलिस को नग्न करने की कोशिश भी की। मिडिल बैंक चेकबुक, मोबाइल और मुहर्रम बरामदगी की शिकायत शिकायत में दर्ज की गई थी, ताकि संदेह से बचा जा सके।

वहीं दूसरे मामले में पुलिस ने खाताधारक कैलाश प्रसाद साह, रिंकू कुमार, राजेश कुमार मिश्रा और शिशु बैंक के संचालक कौशल कुमार को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर साइबर म्यूजिक के साथ मिलकर करीब 1 करोड़ 71 लाख रुपये की अवैध ट्रांजेक्शन में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस की जांच में अब तक 26 फर्जी बैंक खातों की पहचान जारी है, प्रोटोकाल गहन जांच जारी है। अधिकारियों का मानना ​​है कि अगले कुछ दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के बारे में भी पता चल सकता है।

साइबरस्पेस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी किसी अजनबी से साझा न करें और न ही किसी को अपनी जेब का इस्तेमाल करने दें। बिहार इकोनॉमिक साइबर यूनिट द्वारा “ऑपरेशन हिट 2.0” के खिलाफ राज्यभर में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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