बिहार के मोतिहारी जिले में दो कुख्यात बदमाश प्रियांशु और सेंचुरी ठाकुर की मौत हो गई, जबकि मोतिहारी जिले के दो कुख्यात बदमाश श्रीराम यादव शहीद हो गए। यह भीड़ सोमवार देर रात करीब बजरी बजे चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में हुई, जहां दोनों ओर से 15-20 मिनट तक बजरी बजती रही।

असल में, घटना की शुरुआत दो दिन पहले हुई थी, जब चकिया स्टेशन के अतिरिक्त स्टूडियो को नेपाल नंबर से खतरनाक फोन आया था। फोन करने वालों ने खुद को रहस्यवादी ठाकुर और प्रियांशु भाई ने 10 से 15 अपराधियों की हत्या की खुली धमकी दी थी। इस ख़तरनाक के बाद पुलिस स्टॉक एक्सचेंज में हलचल मच गई और तुरंत कार्रवाई शुरू हो गई।

ट्रेस कॉलिंग के अपराधी दोनों की सुई रामडीहा गांव में मिली। इसके बाद ऑब्जेक्टिव और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घेरता देख बदमाश ने अंधाधुंध हथियार शुरू कर दिया। कार्रवाई में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन अपराधी ढेर हो गए। हालाँकि इसी दौरान युवा श्रीराम यादव को गोली मार दी गयी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दार्शनिकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौसे से पुलिस ने एक एके-47 राइफल, दो हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों अपराधी नेपाल सीमा से सटे फ्लोरिडा में सक्रिय थे और बेरोजगारी की फाइलें शामिल थीं।

इस दौरान उनके 3-4 दोस्त जंगल की ओर से गिरोह में शामिल हो गए, स्टॉक सर्च में पुलिस कॉन्स्टेबल सामान कर रही है। नेपाल सीमा पर भी बढ़ाया गया डेटा।

इधर, शहीद जवान श्रीराम यादव को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। एसपी ने कहा कि युवाओं को कोई पद नहीं दिया जाएगा और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। शहीद के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना पूरे इलाके में शोक और शांतिप्रिय का स्मारक है।

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