सहरसा जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने एक अहम पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के सभी पुलिस थानों में प्रतिदिन दैनिक रोल कॉल-सह-समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य थानों में चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा करना और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है। रोजाना आयोजित होने वाली इन बैठकों में पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं, ताकि वे अपने कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकें।
बैठक के दौरान सबसे पहले थानों में लंबित मामलों की समीक्षा की जाती है। यह देखा जाता है कि कौन-कौन से मामले अभी तक लंबित हैं और उनकी जांच में तेजी लाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा अपराधियों की गिरफ्तारी, वारंट, इश्तेहार और कुर्की के निष्पादन की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की जाती है।
साथ ही पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। बैठक में यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी इलाकों में समय-समय पर गश्त हो और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इससे अपराध पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।
इसके अलावा पुलिस कर्मियों को नए कानूनों और प्रावधानों की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे समय के साथ अपडेट रहें और कानून का सही तरीके से पालन करा सकें। डिजिटल माध्यम से किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की स्थिति और उनकी गुणवत्ता की भी इन बैठकों में समीक्षा की जाती है।
पुलिस विभाग का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करना, आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाना है। सहरसा पुलिस की इस नई व्यवस्था से पुलिसिंग को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
