रमज़ान के महीने में इफ्तार की सड़क के बीच बिहार के शहर में मछुआरों की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह सबसे ज्यादा असरदार मिठाई और खाने-पीने का बिजनेस पर पड़ रहा है। ऐसे होते हैं इफ्तार की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में शामिल इमरती अब लोगों को सीमित मात्रा में ही मिल पा रही है।

रेजिडेंट शमी अख्तर खान के घर दो दिन बाद इफ्तार की दावत है। इसके लिए उन्हें करीब 20 किलो इमरती की जरूरत है, लेकिन शहर के होटल और मटेरियल गैस की कमी के कारण बड़े पैमाने पर ऑर्डर लेने से मना कर रहे हैं। शमी अख्तर का कहना है कि इमरती का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन गैस संकट के कारण होटल वालों ने मना कर दिया. मजबूरन उन्हें खाली हाथ लौटाना पड़ा।

छत्ता मस्जिद के पास स्थित अशोक इमरती भंडारे के मालिक मुकेश कुमार कहते हैं कि गैस की भारी कमी के कारण होटल के कई काउंटर बंद हो गए हैं। पहले जहां प्रतिदिन 200 से 250 किलो इमरती पत्तियाँ थी, वहीं अब केवल 25 से 50 किलो ही बन पा रही है। रोजेदारों को भी सिर्फ 250 से 500 ग्राम तक ही इमरती दी जा रही है. उन्होंने बताया कि अगर गैस की स्थिति ऐसी ही रही तो होटल बंद करना पड़ सकता है, इसलिए अब कोयला चूल्हे का ऑर्डर दिया गया है।

इमामगंज से आये रुस्तम अली भी इमरती शेयर थे. 27 रमजान की मस्जिद पर उनकी मस्जिद में वर्षों से इमरती शीशे की परंपरा है, जिसके लिए उन्हें करीब 90 किलो इमरती मिलनी चाहिए थी। लेकिन एलैकेथ ने बताया कि 5-6 कि.

गैस संकट का असर केवल मिठाइयों तक ही सीमित नहीं है। शहर में कई जगहों पर जलेबीफाइनेंस भी बंद हो गया है, जबकि बिरयानी असेसमेंट की बिक्री पर भी बुरा असर पड़ा है। जी बिरयानी हाउस के मालिक मुजफ्फर आलम कहते हैं कि पहले रोजाना 500 हा तक बिरयानी बिकती थी, लेकिन अब सिर्फ 50 से 60 हाार ही बिक पा रहे हैं।

इस संकट से वैज्ञानिक संस्थान और अर्थशास्त्री भी प्रभावित हैं। बाबू जगजीवन राम अलैहिस्सलाम में रहने वाले छात्रों के सामने मेस हाउस का संकट खड़ा हो गया है। रसोईया मधु देवी ने बताया कि गैस खत्म होने की वजह से छात्रों को जबरन लकड़ी और क्लास का चूल्हा तैयार करना पड़ता है, ताकि छात्रों को भूख न लगे।

जिला आशुतोष अधिकारी अशोक कुमार चौधरी के अनुसार काला बाजारी पर रोक के लिए पेट्रोल पंप और रेस्तरां को बंद कर दिया गया है। हालाँकि हॉस्पिटल और एस्कॉट में गैस उपलब्ध करायी जा रही है। प्रशासन ने मर्चेंडाइज के लिए कंट्रोल रूम भी शुरू किया है, जहां एक दिन में करीब 300 इंडिपेंडेंट दर्ज किए जाते हैं।

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