बिहार के सारण जिले से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक चौंकाने वाली और लापरवाही भरी घटना सामने आई है। यहां मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत घूमने ले जाए गए स्कूली छात्रों को शिक्षक बीच रास्ते में ही छोड़कर वापस लौट गए। बाद में स्थानीय पुलिस की पहल से छात्रों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार यह मामला मशरक थाना क्षेत्र के सनौली गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है। विद्यालय के शिक्षक मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत छात्रों को पड़ोसी जिला वैशाली के ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराने के लिए लेकर गए थे। छात्रों ने वैशाली के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया और इसके बाद सभी वापस लौट रहे थे।
वापसी के दौरान शिक्षक छात्रों को लेकर सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल पर भी रुके। यहां कुछ देर रुककर सभी ने स्थल का भ्रमण किया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया। सूत्रों के अनुसार अमनौर से लौटते समय शिक्षक लगभग दो दर्जन से अधिक छात्रों को वहीं छोड़कर निकल गए।
अचानक खुद को अकेला पाकर छात्र घबरा गए। उन्होंने अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी से भी बात नहीं हो सकी। इसके बाद सभी छात्र पैदल ही अमनौर बाजार की ओर चल पड़े।
बताया जाता है कि बाजार में एक होटल संचालक ने जब बच्चों को भूखा और परेशान देखा तो उन्हें खाना खिलाया और पूरे मामले की जानकारी अमनौर थाना प्रभारी को दी। सूचना मिलते ही अमनौर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और बच्चों से पूरी घटना की जानकारी ली।
इसके बाद अमनौर पुलिस ने मशरक थाना को इसकी सूचना दी। पुलिस की पहल पर विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों से संपर्क किया गया और सभी छात्रों को बस के माध्यम से सुरक्षित उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मशरक के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब देखना होगा कि इस बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार शिक्षकों पर क्या कार्रवाई होती है।
