बिहार के बांका जिले से खाद्य पदार्थों का बड़ा मामला सामने आया है। जिले की पुलिस लाइन में शुक्रवार को दो बच्चों का भोजन करने के बाद 60 से अधिक पुलिस जवान अचानक बीमार पड़ गए। एक साथ बड़ी संख्या में बंदूकों की बंदूकों से पुलिस स्टॉक में तोड़फोड़ मच गई।
जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में सोलो ने दो के खाने में फ्राइड राइस और चने का छोला खाया था। खाना खाने के कुछ देर बाद ही कई मछलियाँ पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत करने लगीं। शुरुआत में कुछ प्लास्टिक मरीजों की संख्या में गिरावट आई, लेकिन देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ गई।
स्थिति गंभीर होने पर पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और सभी बीमार मरीजों के इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में एक बड़ी संख्या में मरीज के पहुंचने से कुछ समय पहले ही अस्पताल में भर्ती मरीज की स्थिति बिगड़ गई। धर्मगुरुओं की टीम ने सभी गुटों का इलाज शुरू कर दिया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना में शामिल हैं मालदीव के नवदीप शुक्ला और पुलिस के धारधार अस्पताल के कई अधिकारी। अधिकारियों ने बीमार वकीलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और वकीलों से इलाज की पूरी जानकारी ली।
सोवराय नवदीप शुक्ला ने बताया कि यह मामला खाद्य पदार्थो का खामी का खास हो रहा है। उन्होंने बताया कि केच के प्रोफाइल की जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। टीम द्वारा भोजन के लिए गणितीय मनोविज्ञान जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सोलो की कमजोरी की असली वजह क्या है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जोखिम रसायन का पता चल रहा है कि चने के छेद में कोई संदिग्ध पदार्थ का उत्पाद हो सकता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि चने में सल्फास की टिकिया मिलने के कारण यह घटना घटी है। हालाँकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन पूरे मामले की नामांकन से जांच कर रहा है। साथ ही यह भी पता चल रहा है कि भोजन में संदिग्ध पदार्थ कैसे पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
