भागलपुर के स्थानीय मदोड़ा में शुक्रवार को भाकपा (माले) का प्रथम बांका प्रखंड सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में गरीबों, मजदूरों और दलित–पिछड़े वर्गों पर बढ़ते हमलों, बुलडोजर कार्रवाई, महिला उत्पीड़न, मनरेगा की पुनर्बहाली, एमएसपी की गारंटी और बेघर–भूमिहीनों को वास–आवास उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर जोरदार चर्चा की गई।
सम्मेलन की अध्यक्षता बिशेश्वर पंडित, डोरिया देवी और बिशेश्वर दास की तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों एवं दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि देकर की गई।
सम्मेलन का उद्घाटन भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य कॉमरेड एस.के. शर्मा ने किया। उन्होंने देश और समाज की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में लोकतंत्र और संविधान पर गंभीर हमले हुए हैं तथा आम नागरिकों के अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता बढ़ती जा रही है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े और महिलाएं लगातार निशाने पर हैं। बुलडोजर कार्रवाई और जमीन अधिग्रहण के जरिए गरीबों की आजीविका पर संकट पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और भाकपा (माले) इस लड़ाई को हर स्तर पर मजबूत कर रही है।
सम्मेलन को ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, भाकपा (माले) बांका के जिला संयोजक रामचंद्र दास, जिला लीडिंग टीम के सदस्य रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, गुड़िया देवी, राजेंद्र यादव, शिवजी दास, बुनेल लैया, बसंत राय और सुरेश दास सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
प्रतिनिधि सत्र में प्रखंड संयोजक वीरबल राय ने कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रतिनिधियों ने चर्चा करते हुए कई सुझाव दिए। रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके बाद 11 सदस्यीय प्रखंड कमिटी का गठन किया गया, जिसमें वीरबल राय सहित कई सदस्यों को शामिल किया गया। कमिटी की बैठक में वीरबल राय को सर्वसम्मति से बांका प्रखंड का सचिव चुना गया। सम्मेलन का समापन कम्युनिस्ट इंटरनेशनल के सामूहिक गान के साथ हुआ।
